18–19 अगस्त को अतकुर, विजयवाड़ा में किसानों ने खेत के भीतर और किनारे पर परागण जीवों के लिए फूलों के छोटे आवास बनाने की योजना देखी।

ICAR-फ्लोरीकल्चर निदेशालय और आंध्र प्रदेश के उद्यानिकी विभाग ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को परागण जीवों के लिए आवास बनाने की 223 किट दीं।

किट का मकसद परागण और लाभकारी कीटों को भोजन व ठहरने की जगह देना है। खेत-दौरे में मौजूदा फसल के साथ फूल लगाने की जगह पर बात हुई।

चुने इलाकों में जैव-विविधता व्यवस्थित ढंग से दर्ज करने की योजना भी बनाई गई।

मुख्य बातें

  • कार्यक्रम 18–19 अगस्त को अतकुर में हुआ।
  • परागण करने वाले जीवों का आवास बनाने के लिए 223 किट बांटी गईं।
  • चुने खेतों में जैव-विविधता के व्यवस्थित आकलन की योजना बनी।

स्रोत और संदर्भ

  1. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद / ICAR-DFR · Training-cum-Awareness Programme on Pollinator and Biodiversity Enhancement in Natural Farming ↗19 अगस्त 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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